Wednesday, 27 July 2016

दुमका, 27 जुलाई 2016 
प्रेस विज्ञप्ति संख्या - 411 
 राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव 2016

राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव 2016 वासुकिनाथधाम के आठवें दिन बुधवार को 4 बजे तक 38085 श्रद्धालुओं ने बाबा बासुकिनाथ पर जलार्पण किया। इनमें 629 शीघ्र दर्शनम् दर्शनार्थी रहे। कुल चढ़ाव राशि 38861 रू0 जिनमे गोलक से 36240 रू0 दान रसीद से 2621 रू0। चढ़ावा चांदी का द्रव्य कुल 35 ग्राम रहा। 7 चांदी का सिक्का 10 ग्राम का तथा 5 चाँदी का सिक्का 5 ग्राम का विक्रय हुआ।  

Tuesday, 26 July 2016

दुमका, 26 जुलाई 2016 
प्रेस विज्ञप्ति संख्या - 410 

दुमका के उपायुक्त ने आज दुमका के बैंकों के शाखा प्रबन्धकों के साथ देर शाम बैठक कर कहा कि वे अपने दायित्व को गम्भीरता से लें। हम किसी भी प्रभाग में कार्य करें। विकास और खुषहाली बहाल करना ही अंतिम लक्ष्य है। अगर उद्देष्य का मान रहे तो हमारी तत्परता और प्रतिबद्धता का स्वरूप बदल जाता है। 
उपायुक्त ने कहा कि षिक्षा, कल्याण एवं प्रखंडस्तरीय अधिकारियों एवं कर्मियों के साथ समन्वय बनाकर लाभुकों का खाता निष्चित समय सीमा के अन्दर खोलें। सरकार कल्याण और छात्रवृति तथा अन्य योजनाओं में सीधे लाभुकों के खाते में राषि अंतरीत करना चाहती है। अतः इन उद्देष्यों की पूर्ति हो। बैठक में शाखा प्रबन्धकों ने यह भरोसा दिलाया कि वे सभी इस कार्य में पूरे मन से जुट जायेंगे।  


दुमका, 26 जुलाई 2016 
प्रेस विज्ञप्ति संख्या - 409 
राजकीय श्रावणी मेला 2016 महोत्सव

भीड़ कम हो या अधिक ड्यूटी पर रिलेक्स न हो...

आज वासुकिनाथधाम में दुमका के उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा तथा पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने सुबह 4 बजे सभी चेक प्वाईन्ट का निरीक्षण किया। श्रावणी मेला के दौरान सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने निर्देष दिया कि भीड़ कम या अधिक होने पर अपने ड्यूटी को रिलेक्स न करें। 
शरीर से नहीं बल्कि पूरे मन से मेला में उपस्थित रहें
पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने कहा कि कांवरियों की संख्या कब बढ़ जाय इस बात का पूर्वानुमान लगाना कठिन है। उन्होंने पुलिस एवं सिविल अधिकारियों से कहा कि हर पल केवल शरीर से नहीं बल्कि पूरे मन से मेला में उपस्थित रहें। अपना स्वनियंत्रण और धैर्य न खोयें। उन्होंने सीसीटीवी कन्ट्रोल रुम का भी निरीक्षण किया एवं काफी देर कन्ट्रोल रुम में बैठक कर पूरे मेले का जयजा लिया।

हम हैं तत्पर आप की सेवा में

क्या महिला क्या पुरूष सुरक्षा कर्मियों ने अपने व्यवहार से कांवरियों का दिल जीत लिया है। मंदिर परिसर एवं मेला क्षेत्र में असमाजिक तत्व किसी भी तरह की गड़बड़ी न करे इसके लिए पूरी रात प्रतिनियुक्त सुरक्षा कर्मी कड़ी मेहनत कर रहे है। श्रद्धालुओं के द्वारा कतारबद्ध होकर जलार्पण में भी सुरक्षा कर्मी अपनी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। जलार्पण के दौरान किसी भी तरह की घुसपैठ न हो इसके लिए सुरक्षा कर्मी हमेषा तैयार दिखे। 

जल चढ़ाते ही पैर हो जाते हैं षिथिल

बाबा पर जल चढ़ाने के लिए सौ से अधिक किलोमीटर की यात्रा दुष्कर नहीं लगती कंकड़ पत्थर का अहसास नहीं होता बस बाबा पर जल दे सकूँ उन तक अपनी व्यथा सुना सकूं इसका ही ध्यान रहता है। यह बात पष्चिमी चम्पारण के लौरिया से आये कांवरियों के जत्था का नेतृत्व कर रहे जगदीष साव ने कहा। उन्होंने कहा कि जैसे ही बाबा पर जलार्पण करते हैं पैर मानों जम जाते हैं। गर्भ गृह से निकलना भी मुष्किल जो जाता है। झारखण्ड की सरकार ने दुम्मा से वासुकिनाथधाम तक देव भूमि जैसी व्यवस्था कर दी है। हम एक नया अहसास लेकर जा रहे हैं। उप निदेषक जनसम्पर्क को कहा ‘‘बबुआ हम फिर आईब’’।

आपकी भक्ति और श्रद्धा में हमारी आस्था है 

श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेषानी न आये इसके लिए सुरक्षा कर्मी, सूचना सहायता कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, सफाई कर्मी एवं विभिन्न विभागों के लोग दिन रात काम कर रहे हैं। दुमका से लगभग 30 किलोमीटर की यात्रा कर रात्रि के अन्तिम पहर 2ः30 बजे ड्यूटी के लिए निकल जाना तो कभी 12 बजे रात ड्यूटी से लौटना दुष्कर होता है पर कांवरियों भक्ति और श्रद्धा में आस्था प्रकट करने सबसे अच्छा माध्यम है। 

साफ सफाई के लिए तत्पर

पूरे श्रावणी मेले के दौरान किसी भी तरह की गंदगी मेला क्षेत्र में न रहे इसके लिए रात -रात भर सफाई कर्मी अपने काम में लगे दिखाई देते है। मंदिर परिसर से लेकर वासुकिनाथधाम के चारों ओर सफाई कर्मी अपने कर्तव्य का निर्वहन ईमानदारी से करते नजर आ रहे हैं।

कांवरियों कि सेवा में समर्पित स्वास्थ्य षिविर 

स्वास्थ्य षिविर में 14 डाॅक्टर, 155 पारा मेडिकल, 6 सुपरवाईजर, 4 सहायक तथा 1 फुड इन्सपेक्टर लगातार कांवरियों की सेवा में लगे हुए हैं। मेला के दौरान श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को लेकर प्रषासन द्वारा हर एक सरकारी या गैर सरकारी पंडाल में 12 स्वस्थ्य षिविर खोला गया है। 

बिछड़ों को हम मिलाते हैं 

विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालु अपने परिजनों से बिछड़ जाते है परंतु सूचना सहायता कर्मी द्वारा प्रतिदिन हजारों लोगों को उनके परिजनों से मिलाया जाता हैं। कई बार श्रद्धालु के पास इतने पैसे नही होते की वे अपने घर को जा सके लेकिन सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा उन्हें सहायता राषि प्रदान कर उन्हें उनके घर तक भेज दिया जाता है।
बिछड़े हुए कांवरिया यदि महिला या बच्चा हो तो उन्हें सूचना सहायता कर्मी के साथ घर भेजा जाता है। आज सूचना सहायता कर्मी द्वारा बनारस से आये नीरज उपाध्याय एवं दिल्ली के रहने वाले मनोज मिश्रा एवं मारकेन्डेय मिश्रा को सहायता राषि के साथ प्रखंड विकास पदाधिकारी संजय कुमार दास द्वारा रेलवे पास दिया गया सूचना सहायता कर्मियों ने उन्हें विदा किया गया।

श्रद्धालुओं को पसंद आ रही है पूरी व्यवस्था

आज मंगलवार को पूरा वासुकिनाथधाम हर-हर महादेव एवं हाथ में गंगा जल लिये बोलबम के नारों के साथ कांवरियों से भरा दिखाई दे रहा था। सभी श्रद्धालु कतारबद्ध होकर बाबा वासुकिनाथ पर जलार्पण कर रहे थे।
श्रद्धालु जलार्पण करने के बाद प्रतिदिन श्रद्धालु जिला प्रषासन सूचना जनसम्पर्क विभाग द्वारा बनाये गये निःषुल्क  रौषनी युक्त, हवादार पण्डाल में आ कर विश्राम करते है।
इस दौरान कई बार श्रद्धालु खुद आ कर बिना पुछे पूरी व्यवस्था के लिए प्रषासन को धन्यवाद देते है। आज टाटा नगर जमेषदपुर से आयी 22 वर्षीय गुड़िया ने बताया कि मैं पिछले पाँच साल से बाबा बैधनाथधाम एवं बाबा वासुकिनाथधाम में जलार्पण करने आती हँु पर मैं कभी भी यहां रात्रि विश्राम नही करती थी पर इस बार जिला प्रषासन और सूचना सहायता षिविर की व्यवस्था इतनी बेहतर है जिसकी कितनी भी तारीफ करें वह कम है। 
उपायुक्त ने कहा कि सूचना सहायता षिविर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु विश्राम कर रहे है। खुषी होती है कि पिछली बार से अलग इस बार कोई भी श्रद्धालु श्रावणी मेले के दौरान सड़क पर विश्राम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने सूचना सहायता षिविर को साफ रखने के लिए सूचना सहायता कर्मियों को बधाई दी। 












दुमका, 26 जुलाई 2016 
प्रेस विज्ञप्ति संख्या - 408 
राजकीय श्रावणी मेला 2016 महोत्सव

श्रावणी मेला के सातवें दिन मंगलवार को 4 बजे तक कुल 52825 श्रद्धालुओं ने बाबा वासुकिनाथ पर जलार्पण किया। जिनमें 984 शीघ्र दर्षनम् के दर्षनार्थी रहे।
कल शाम 4 बजे के बाद से आज शाम 4 बजे तक कुल चढ़ावा राषि 3,51,395 रहा। जिसमें दानपेटी से 2,87,025 रू0, गोलक से 60,495 रू0 एवं दान रसीद 3895 रू0 रहा। चढ़ावा चाँदी का द्रव्य कुल 125 ग्राम। 13 चाँदी का सिक्का 10 ग्राम का तथा 10 चाँदी सिक्का 5 ग्राम का विक्रय हुआ।


Monday, 25 July 2016

दुमका, 25 जुलाई 2016
प्रेस विज्ञप्ति संख्या - 407 
राजकीय श्रावणी मेला 2016 महोत्सव

8 बजे रात तक वासुकिनाथधाम में जलार्पण का आंकड़ा 92600 पार किया...

श्रावणी मेला के छठे दिन सोमवार रात्रि 8 बजे तक 92600 से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा वासुकिनाथ पर जलार्पण किया। 1792 शीघ्र दर्षनम दर्षनार्थी रहे। जलार्पण काउण्टर के माध्यम से 6300 श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया। हंसडीहा के रास्ते भागलपुर से आने वाले डाकबमों की संख्या 267 रही। डाक बमों एवं शीघ्र दर्षनम को सिंह द्वार से होकर प्रवेष दिया गया जबकि श्रद्धालु कांवरियों ने हाथी द्वार से प्रवेष कर जलार्पण किया।
अपराह्न 4 बजे तक कुल चढ़ावा राषि 90888 रू0 थी तथा कुल चढ़ावा चांदी का द्रव्य 169 ग्राम रहा। वहीं 8 चांदी का सिक्का 10 ग्राम का तथा 2 चांदी का सिक्का 5 ग्राम का विक्रय हुआ। राषि की अगली गिनती कल शाम 4 बजे होगी।

दुमका, 25 जुलाई 2016
प्रेस विज्ञप्ति संख्या - 406 
30 एवं 31 जुलाई को होगा चयन...

15 अगस्त को होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन में किसी प्रकार की कोई भी कमी नहीं रहने दी जायेगी जिला कला संस्कृति एवं खेलकूद समिति के सचिव उमा शंकर चैबे ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को इन्डोर स्टेडियम दुमका में बेहद भव्यता से सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन हेतु 30 एवं 31 जुलाई को नृत्य कला केन्द्र दुमका (मिनी इन्डोर स्टेडियम) में पूर्वा0 10 बजे से चयन कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। इसके लिए नगर के सभी प्रमुख विद्यालय/महाविद्यालय के प्राचार्योंं को अपने संस्थान से अच्छे-अच्छे कलाकारों को आॅडिसन कार्यक्रम में सम्मिलित होने हेतु अनुरोध किया गया है। उन्होंने बताया कि इस चयन कार्यक्रम में किसी भी आयु वर्ग के गायक/नर्तक भाग ले सकते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि झारखण्ड कलाकेन्द्र के प्राचार्य गौर कान्त झा दोलन चापा सेन, कामाख्या नारायण सिंह, रूबी बेसरा, एमानुएल सोरेन, महेन्द्र प्रसाद साह, तथा धनी मरांडी आॅडिसन कार्यक्रम की निर्णायक होंगी। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूरी तत्पता से प्रयास किया जा रहा है।


दुमका, 25 जुलाई 2016 
प्रेस विज्ञप्ति संख्या - 405 
राजकीय श्रावणी मेला 2016 महोत्सव

बाबा पर जलार्पण का आंकड़ा 6 बजे 85000 पार किया...

श्रावणी मेला के छठे दिन सोमवार सायं 6 बजे तक 85876 श्रद्धालुओं ने बाबा वासुकिनाथ पर जलार्पण किया। 1792 शीघ्र दर्षनम दर्षनार्थी रहे। कुल चढ़ावा राषि 90888 रू0। कुल चढ़ावा चांदी का द्रव्य 169 ग्राम। 8 चांदी का सिक्का 10 ग्राम का तथा 2 चांदी का सिक्का 5 ग्राम का विक्रय हुआ।
आज केसरिया चादर मे लिपटी वासुकिनाथधाम में सबकी नजर पूर्णिया जिला भवानीपूर से आये कांवरिया पर थी जो भगवान के वेष में ब्रह्मा, विष्णु, महेष एवं नारद जी बन आये हुए थे। महेष के वेष में कांवरिया राजू केडीया, ब्रम्हा के वेष में प्रदीप कुमार, विष्णु के वेष में आनंद कुमार एवं नारद के वेष में रतन कुमार थे। 
पूरा मेला क्षेत्र में साक्षात भगवान की उपस्थिति महसूस कर रहा था। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष हमसब भगवान की वेष में ही बाबा बैधानाथधाम एवं बाबा वासुकिनाथधाम में जलार्पण करते है। उन्होंने बताया कि भगवान के वेष में श्रावणी मेला के दौरान आने से यहा हमारे साथ आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को एक नयी ऊर्जा मिलती है एवं श्रद्धालुु पूरे मार्ग यह महसूस करते है कि बाबा हमारे साथ है।
षिवजी का वेष धारण किये हुए राजू केडीया ने बताया कि मैं पिछले 49 सालों से हर वर्ष इसी तरह देवघर एवं वासुकिनाथ में जलार्पण करने आता हुँ। उन्होंने बताया कि हर वर्ष बाबा मुझे बुलाते है और मैं पूरे परिवार के साथ बैधनाथधाम एवं वासुकिनाथधाम के लिए निकल पड़ता हुँ। उन्होंने बताया कि इस वर्ष हम 35 लोग बाबा को जलार्पण करने आये है।
उन्होंने बताया कि पिछले 49 सालों से मैं यहा आ रहा हुँ लेकिन इस वर्ष की व्यवस्था पिछले कई वर्षों से बेहतर है। उन्होंने कहा कि मोदी जी की स्वच्छता अभियान यहां देखने को मिली। उनके साथ आये सभी 35 लोगों ने जिला प्रषासन सूचना जनसम्पर्क विभाग की व्यवस्था को देखकर अनेकांत शुभकामनायें दी तथा पुलिस प्रषासन को भी उनके कर्तव्य निष्ठा के लिए बधाई दिया।