Monday, 31 August 2015
सूचना भवन, दुमका
प्रेस विज्ञप्ति
देवघर, मंगलवार, दिनांक 25 अगस्त 2015 संख्या 303 दिनांक - 25/08/2015
मेला के नब्ज पर हो आपका हाथ
- उप निदेशक, जनसम्पर्क, सं प्र, दुमका
उप निदेशक जनसम्पर्क अजय नाथ झा ने आज सूचना भवन, देवघर में बैठक करते हुये श्रावणी मेला देवघर के नियमित एवं तत्पर संचालन के लिए सूचना सहायता केन्द्र के कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था आगे भी बनाये रखें।
उप निदेशक ने कहा कि मेला के प्रत्येक क्षेत्रा पर अपनी नजर बनाये रखें तथा कहीं कोई त्राुटि दिखाई देती है तो उपायुक्त को तुरन्त अवगत करायें। साथ ही, मीडिया को मेला के प्रत्येक गतिविधि अद्यतन तस्वीरों के साथ उपलब्ध करायें। पल-पल की सूचना दें। ऐसा लगे कि मेला के नब्ज पर आपका हाथ है। काँवरियों की संख्या कम हो या अधिक इससे कर्तव्य का कोई लेना देना नहीं। निस्पृह भाव से केवल अपने काम पर केन्द्रित रहें।
बैठक में विक्रमजीत कम्प्यूटर आॅपरेटर, रामकुमार साहा आॅपरेटर, ए0पी0आर0ओ0 रोहित विद्यार्थी, पूजा वर्मा, न्यूज कलेक्टर अंजनी सिन्हा, राजेश कुमार, गौरव कुमार एवं निर्भय कुमार ओझा उपस्थित थे।
सूचना भवन, दुमका
प्रेस विज्ञप्ति
वासुकिनाथधाम, मंगलवार, दिनांक 25 अगस्त 2015 संख्या 302 दिनांक - 25/08/2015
निर्माल्य को निर्धारित स्थल पर रखा जाए...
उपायुक्त दुमका श्री राहुल कुमार सिन्हा ने आज मंदिर परिसर का निरीक्षण किया ताकि बाबा पर जलार्पित नीर का बेहतर निस्तारण हो। भक्त आसानी से नीर ग्रहण कर सकें तथा शेष जल भूमिगत हो सके। मंदिर परिसर से सुगमता से निर्माल्य को भी निर्धारित स्थल पर रखा जाए। परिसर साफ रखने पर भी उपायुक्त ने जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसकी लगातार सफाई होती रहनी चाहिए। मंदिर के पवित्रा वातावरण को स्वच्छ परिसर और पवित्रा बना देगा। उपायुक्त ने मेला क्षेत्रा की भी नियमित सफाई का निर्देष दिया।उपायुक्त ने कहा कि काँवरियों की संख्या कम होने पर कर्तव्य में तदनुरूप षिथिलता बर्दाष्त नहीं की जाएगी। कर्तव्य से अनुपस्थिति या लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई तय है।
Monday, 24 August 2015
सूचना भवन, दुमका
प्रेस विज्ञप्ति
वासुकिनाथधाम, सोमवार, दिनांक 24 अगस्त 2015 संख्या 301 दिनांक - 24/08/2015
वासुकिनाथधाम में निःषुल्क भोजन की व्यवस्था...
वासुकिनाथ धाम में एक ऐसा भी भोजनालय है जिसमें भोजन करने वाले किसी भी काँवरिया से एक भी पैसा नहीं लिया जाता है। वर्ष 1992 से प्रत्येक वर्ष बाबा वासुकिनाथ सेवा समिति प्रातः आठ बजे से रात्री के दस बजे तक अपने भोजनालय में आने वाले तमाम काँवरियों को स्वच्छ एवं रूचिकर भोजन निःषुल्क मुहैया कराते आ रहे हैं। यह भोजनालय पानी टंकी रोड में मंडल धर्मषाला के पास सेवा समिति गली में स्थित है।
बाबा वासुकिनाथ सेवा समिति के संस्थापक ओम प्रकाष जोषाी, सचिव कमल केजरीवाल तथा सदस्य क्रमषः सत्यनारायण गुप्ता, भीम सेन जिन्दल, काषीनाथ जोषी, संजय जैन आदि दिन-रात अपने भोजनालय में आने वाले भक्त काँवरियों की सेवा में महीने भर लीन रहते हैं। जब उप निदेषक सूचना एवं जनसम्पर्क अजय नाथ झा ने संघ के संस्थापक ओम प्रकाष जोषी से इस समिति के बारे में जानना चाहा तो श्री जोषी इस बात से दुःखी नजर आये कि इस वर्ष उनके भोजनालय में सिर्फ चालीस हजार काँवरियों की सेवा का ही उन्हें अवसर मिला है। उनकी इच्छा है कि वे कम से कम एक लाख काँवरियों को निःषुल्क भोजन कराना चाहते हैं।
उप निदेषक जनसम्पर्क ने श्रावणी मेला में वासुकिनाथधाम पधारने वाले उन तमामा काँवरियों से अपील की है कि वे बाबा वासुकिनाथ सेवा समिति द्वारा उपलब्ध करायी जा रही निःषुल्क भोजन व्यवस्था का लाभ उठायें। उप निदेषक ने इस बात की जानकारी उपायुक्त, दुमका श्री राहुल कुमार सिन्हा को भी दी।
सूचना भवन, दुमका
प्रेस विज्ञप्ति
वासुकिनाथधाम, सोमवार, दिनांक 24 अगस्त 2015 संख्या 299 दिनांक - 24/08/2015
अंतिम सोमवारी को लेकर उपायुक्त ने खुद संभाली कमान...
वासुकिनाथधाम श्रावणी मेला 2015 के अंतिम सोमवारी या नकुल नवमी को फौजदारी बाबा के दरबार में भारी संख्या में उमड़ने वाली भीड़ के मद्देनजर जिले के उपायुक्त श्री राहुल कुमार सिन्हा ने जिले के तमाम आलाधिकारियों के साथ वासुकिनाथधाम के काँवरियों को बाबा का दर्षन सुलभ बनाने हेतु की गई समस्त कवायदों की कमान सम्भाल ली थी। उपायुक्त ने एक-एक कर समस्त चैकियों के निरीक्षण के साथ-साथ काँवरियों की पंक्ति व्यवस्था, मंदिर में प्रवेष व्यवस्था, गर्भ गृह में कितने भक्तों में प्रवेष कराया जाता है आदि-आदि समस्त व्यवस्थाओं का बारीकी से मुआयना किया। जहाँ कहीं भी उन्हें व्यवस्था में थोड़ी सी भी चूक नजर आई उसे तत्काल दुरूस्त करने हेतु आवष्यक दिषा निर्देष दिया। पूर्व सांसद एवं न्यास समिति के सदस्य श्री अभय कान्त प्रसाद भी काँवरियों, अधिकारियों एवं कर्मियों का हौसला बढ़ाते रहे।
नगर पंचायत वासुकिनाथ द्वारा आज कतारबद्ध काँवरियों को शरबत पिलाये जाने की शुरूआत की। उपायुक्त ने सबसे पहले अपने हाथों से थके-हारे काँवरियों को जल भी पिलाया। साथ ही काँवरियों से मेले के अनुभव के बारे मंे भी जानकारी ली। उपायुक्त ने नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी से कहा कि वे एक पोर्टेबुल डस्टबीन साथ रखें ताकि मेला क्षेत्र में गन्दगी भी न फैले।
अंतिम सोमवारी को उमड़ने वाले भक्तों की भारी संख्या के मद्देनजर मेला प्रषासन से जुड़े तमाम पदाधिकारी एवं कर्मी तड़के 2 बजे से ही चुस्त और मुस्तैद थे। रविवार की रात से ही देवघर एवं भागलपुर के रास्ते से आने वाले काँवरिया 2 बजे से ही बाबा वासुकिनाथ का दर्षन करने के लिए कतारबद्ध होने लगे थे। एक समय काँवरियों की पंक्ति पानी टंकी को पार कर गई थी। परन्तु मन्दिर में तीव्र जलार्पण गति के कारण कुछ ही क्षणों पष्चात पंक्ति सिमटने लगी। वासुकिनाथ धाम में जलार्पण काउन्टर पर भी काँवरियों की भारी भीड़ देखी गई है। समस्त प्रषासनिक व्यवस्था चुस्त, दुरूस्त एवं चैकन्ना थी। सूचना सहायता षिविरों से लगातार काँवरियों को दी जाने वाले आवष्यक जानकारियों की उद्घोषणा की जा रही थी। जलार्पण शान्तिपूर्ण ढंग से जारी रहा।
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