Monday, 6 March 2017

दुमका, 06 मार्च 2017 
प्रेस विज्ञप्ति संख्या - 134
आपदा प्रबंधन सबके सहयोग समन्वय और तत्परता से संभव...
- दिनेष चन्द्र मिश्र, आयुक्त 
संताल परगना प्रमंडल, दुमका
आपदा के दौरान नुकसान को कम करने के लिए राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण की योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा ये बातें आयुक्त संताल परगना प्रमंडल दिनेश चन्द्र मिश्र ने कहा. इस दो दिवसीय कार्यशाला (6 एवं 7 मार्च 2017) का उदघाटन दुमका प्रमंडल सभागार के सभागार में करने के पश्चात उन्होंने प्रतिभागियो को संबोधित करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए. कार्यशाला का उद्देश्य आपदा प्रबंधन कार्ययोजना को समयबद्ध तरीके से तैयार करना है, ताकि आपदा जोखिम न्यूनतम हो सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में व्यापक रूप से जलवायु परिवर्तन हो रहा है। जिसके कारण किसान जहाँ सुखाड़ की चपेट में आ रहे है, आमजन बारिश के लिए त्राहिमाम करते है, मौसम का मिजाज एकाएक बदलना आदि इसी के लक्षण है। कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए सचिव आयुक्त संताल पगरना प्रमंडल, अंजनी कुमार दुबे, कार्तिक कुमार प्रभात, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी राजू महतो एवं राजीव रंजन, डॉ. प्रवीन कुमार, सिविल सर्जन गोड्डा, शिव नारायण यादव, ने अपने विचार प्रकट किये.
आपदा जोखिम न्यूनीकरण की कार्ययोजना को तैयार करना तथा उसे चरणबद्ध तरीके से लागू करना है। भू-जलवायु परिस्थितियों के कारण भारत पारंपरिक रूप से प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील रहा है। यहां पर बाढ़, सूखा, चक्रवात, भूकंप तथा भूस्खलन की घटनाएं आम हैं। भारत के लगभग 60 प्रतिषत भू भाग में विभिन्न प्रबलताओं के भूकंपों का खतरा बना रहता है। 40 मिलियन हेक्टेर से अधिक क्षेत्र में बारंबार वाढ़ आती है। कुल 7,516 कि.मी. लंबी तटरेखा में से 5700 कि.मी. में चक्रवात का खतरा बना रहता है। खेती योग्य क्षेत्र का लगभग 68 प्रतिषत भाग सूखे के प्रति संवेदनशील है। राज्य के कई भागों में पतझड़ी व शुष्क पतझड़ी वनों में आग लगना आम बात है। आपदा प्रबंधन कार्यक्रम के तहत राज्य में प्राकृतिक आपदाओं के कुशल प्रबंध के लिए अपेक्षित आंकड़ों व सूचनाओं को उपलब्ध कराना है. 
इन्टर एजेंसी ग्रुप के संयोजक श्री सुबीर कुमार ने कार्यक्रम के उद्देश्य एवं कार्य योजना का उल्लेख करते हुए बताया की विभिन्न विभागों की भूमिका एवं सहभागिता से आपदा प्रबंधन को अच्छे तरीके से कार्यान्वित किया जा सकता है. आयोजित कार्यशाला के माध्यम से आपदा प्रबंधन के सलाहकार एवं पदाधिकारी ने प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार के आपदा से बचने के उपाय बताये। 
दी जानकी फाउंडेशन के संस्थापक श्री आशीष कुमार ने बताया की राज्य की 65 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर अधारित है।  कृषि सूखे का मानव जीवन व अन्य जीवों पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।  राज्य के लगभग 68 प्रतिषत भू भाग में कहीं कम तो कहीं अधिक मात्रा में सूखे का असर रहता है। इस क्षेत्र के 35 प्रतिषत भाग में 750 मि.मी. से 1125 मि.मी. तक ही वर्षा होती है अतः इसे स्थाई सूखाग्रस्त क्षेत्र माना जा सकता है। अतः झारखण्ड में महिला एवं शिशु केन्द्रित एवं जलवायु केन्द्रित आपदा प्रबंधन पर रोडमैप तैयार करना एवं उसका अनुपालन करना अति आवश्यक है.
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के राजू महतो एवं राजीव रंजन ने आपदा के दौरान पशुधन की रक्षा के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया. इस कार्यक्रम में तकनीकी सत्रों के संचालन राज्य से आये वरिष्ट सलाहकार कुशल मुखर्जी, शर्ली फिल्लिप ने किया.
इस कार्यशाला में सरकारी विभाग के अलावा स्वयं सेवी संस्थाओं से कृष्णा बदलाव फाउन्डेशन, माधव जी लोकप्रेरणा, देवघर, ग्र्राम ज्योति, प्रवाह, लहान्ती दुमका के जनप्रतिनिधियों ने अपने विचार को रखते हुए इस कार्यशाला में भाग लिया।



Sunday, 5 March 2017

दुमका, 06 मार्च 2017 
प्रेस विज्ञप्ति संख्या - 133

  • प्रज्ञा केन्द्रांे के खिलाफ षिकायत पर उपायुक्त गम्भीर...
  • दोषी पाये जाने पर कड़ी कार्रवाई...
  • आवेदकों को लटकाया तो कड़ी कार्रवाई को गले लगायें...
  • जाति, स्थानीय और आय प्रमाण पत्रों के लम्बित मामलों को तुरत निष्पादित करें...


- राहुल कुमार सिन्हा, उपायुक्त, दुमका 
दुमका के उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने दुमका एसडीओ और सभी सीओ को जाति, स्थानीय एवं आय प्रमाण पत्रों के लम्बित मामलों के त्वरित निष्पादन का आदेष दिया।  
उपायुक्त ने कहा कि सरकार के स्तर से सूचना मिली है कि दुमका जिले में जाति, स्थानीय निवासी तथा आय प्रमाण पत्रों से संबंधित काफी मामले लंबित हैं जबकि झारसेवा पोर्टल से डाउनलोड कर प्राप्त प्रतिवेदन में लंबित मामलों की संख्या काफी कम है। उपायुक्त ने कहा कि इस बात की आषंका बनती है कि प्रज्ञा केन्द्रों के द्वारा आवेदन को लम्बे समय तक आॅनलाईन प्रविष्ट नहीं किया जाता है। साथ ही, षिकायत है कि दस्तावेजों के स्कैन के नाम पर अवैध वसूली की जाती है। इसके अतिरिक्त फर्जी नाम पर टोकन नं0 सृजित कर बाद में उस टोकन नं0 का किसी अन्य व्यक्ति को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देष्य से उपयोग किये जाने की भी षिकायत प्राप्त हुई है। 
उपायुक्त ने कहा कि सरकार द्वारा यह भी सूचित किया गया है कि कल्याण विभाग के द्वारा संचालित छात्रवृति योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु जाति, स्थानीय निवासी तथा आय प्रमाण पत्र समर्पित करने की अनिवार्यता है तथा छात्रवृत्ति हेतु ई- कल्याण पोर्टल पर आवेदन अपलोड करने की अंतिम तिथि 10 मार्च 2017 निर्धारित की गई है। किन्तु ससमय जाति, स्थानीय निवासी तथा आय प्रमाण निर्गत नहीं हो पाने के कारण कई छात्र-छात्राएं आहर्ता के बावजूद छात्रवृति योजना के लाभ से वंचित हो जायेंगे। सरकार द्वारा पूर्व में यह भी सूचित किया गया है कि राज्य सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर नियुक्ति प्रक्रिया आरम्भ की जा रही है, इस हेतु आरक्षण का लाभ तथा अनुसूचित जिलों में नियोजन का लाभ प्राप्त करने हेतु आवेदकों को जाति, स्थानीय निवासी प्रमाण पत्रों की आवष्यकता होगी। 
उपायुक्त ने  अनुमंडल पदाधिकारी, दुमका तथा जिला के सभी अंचल अधिकारी को यह आदेष दिया है कि वे अविलम्ब झारसेवा पोर्टल में लंबित जाति, स्थानीय निवासी तथा आय प्रमाण पत्रों को अविलम्ब निष्पादित करें। साथ ही वे उड़नदस्ता गठित कर प्रज्ञा केन्द्रों का नियमित रूप से निरीक्षण सुनिष्चित करायें ताकि, उनके द्वारा आवेदन को लम्बे समय तक आॅनलाईन प्रविष्ट न कर आवेदकों को बेवजह परेषान न किया जा सके। यदि किसी प्रज्ञा द्वारा आवेदन के आॅनलाइन प्रविष्टि में विलम्ब किया जाता है अथवा किसी अन्य प्रकार की अनियमितता बरती जाती है तो वे संबंधित प्रज्ञा केन्द्रों के विरूद्ध कार्रवाई हेतु डिस्ट्रीक्ट ई-गर्वनेन्स सोसाईटी, दुमका को सूचित करें।  
उपायुक्त ने ई-डिस्ट्रीक्ट मनैजर दुमका, सीएससी मनैजर, दुमका तथा जिला स्तरीय प्रज्ञा केन्द्र समन्वयक, बेसिक्स, दुमका सभी प्रखंडों के प्रज्ञा केन्द्र संचालकों के साथ समन्वय स्थापित कर आवेदकों से जाति, स्थानीय निवासी तथा आय प्रमाण पत्र संबंधी आवेदनों को प्राप्त कर यह जांच करेंगे कि आवेदनों के इंट्री करने में विलम्ब तो नहीं किया जाता है। इस संबंध में किसी प्रकार की अनियमितता पाने पर संबंधित प्रज्ञा केन्द्र संचालक के रजिस्ट्रेषन को रद्द करने हेतु वे संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त प्रतिवेदन समर्पित करेंगे। साथ ही, वे जिले में वर्तमान में कार्यरत और अकार्यरत प्रज्ञा केन्द्रों की संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त सूची एवं प्रतिवेदन समर्पित करेंगे। 
उपायुक्त ने पदाधिकारियों को प्रज्ञा केन्द्रों के निरीक्षण का आदेष देते हुए कहा कि वे अपना निरीक्षण प्रतिवेदन उपायुक्त को समर्पित करेंगे। अनुमंडल पदाधिकारी दुमका सभी प्रखंडों के कुल प्रज्ञा केन्द्रों का 2 प्रतिषत, प्रभारी पदाधिकारी डीईजीएस, दुमका सभी प्रखंडों के कुल प्रज्ञा केन्द्रों का 2 प्रतिषत, ई डिस्ट्रीक्ट मनेजर दुमका सभी प्रखंडों के कुल प्रज्ञा केन्द्रों का 5 प्रतिषत, रौषन कुमार सीएससी मनेजर दुमका, दुमका, सरैयाहाट, रामगढ़, काठीकुण्ड एवं गोपीाकान्दर प्रखंड के कुल प्रज्ञा केन्द्रों का 50 प्रतिषत एवं राकेष चटर्जी सीएससी मनेजर, दुमका रानेष्वर, षिकारीपाड़ा, जामा, जरमुण्डी एवं मसलिया प्रखंड के कुल प्रज्ञा केन्द्रों का 50 प्रतिषत केन्द्रों का निरीक्षण करेंगे।
उपायुकत ने कहा कि ई-डिस्ट्रीक्ट मनेजर, दुमका आॅनलाईन प्रमाण-पत्र निर्गत करने हेतु इस जिले के नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है। वे निजी ध्यान देकर दुमका जिले के प्रज्ञा केन्द्रों के माध्यम से आॅनलाईन प्रमाण पत्र निर्गत कराने हेतु आवष्यक कार्रवाई करना सुनिष्चित करेंगे। 




Saturday, 4 March 2017

दुमका, 04 मार्च 2017
प्रेस विज्ञप्ति संख्या - 132
जिला परिषद दुमका द्वारा आयोजित शनिपरब एवं सुबह-सवेरे कार्यक्रम इन्डोर स्टेडियम दुमका में हुआ। सुबह-सवेरे कार्यक्रम में शर्मिला सिन्हा अधिवक्ता के दल द्वारा भजन की प्रस्तुति दी गई। निविड़ विष्वास, बाबू दास, कीर्ति और देरम्भ भी वाद्य दल मे थे।
जिला परिषद द्वारा बनाये गये संयोजक प्राचार्य झारखंड कला केन्द्र के गौर कांत झा ने बताया कि संध्या में बाहा, दोग, लांग्ड़े आदि की प्रस्तुति शनि-परब के तहत हुई। कला संस्कृति निदेषालय द्वारा दिये गये आवंटन से जिला परिषद दुमका द्वारा कार्यक्रम कराये जा रहे हैं। गौर कांत झा ने बताया कि अगला कार्यक्रम होली विषेषांक होगा।



Friday, 3 March 2017

दुमका, 03 मार्च 2017  प्रेस विज्ञप्ति संख्या - 131
दुमका के उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने मसानजोर स्थित आईबी डाक बंगला में जिला दण्डाधिकारी, बीरभूम के अनुरोध पर झारखण्ड बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध शराब के परिवहन पर नियंत्रण रखने हेतु एक बैठक में भाग लिया। 
बैठक में बीरभूम एवं दुमका जिला के जिला पदाधिकारी सहित दोनों जिलों के वरीय पुलिस अधिकारी, उत्पाद विभाग के अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, रानेष्वर एवं अंचल अधिकारी रानेष्वर तथा दोनों जिलान्तर्गत सीमावर्ती क्षेत्रों के थाना प्रभारी उपस्थित थे। बीरभूंम जिले के उत्पात विभाग के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा बताया गया कि झारखण्ड के सीमावर्ती क्षेत्रों से महुआ एवं पोचई से निर्मित देषी शराब अवैध रूप से बंगाल परिवहन किया जाता है। जिसपर रोकथाम आवष्यक है। उपायुक्त द्वारा दुमका जिले के पुलिस उपाधीक्षक एवं थाना प्रभारी को अवैध रूप से देषी शराब राज्य से बाहर ले जाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने तथा बंगाल पुलिस को आवष्यक सहयोग करने का निर्देष दिया गया। इसके लिये उपस्थित पदाधिकारियों का सम्पर्क नम्बर रख लेने का निर्देष दिया गया। उपायुक्त ने यह भी निर्देष दिया कि वाहन चेकिंग के दौरान ओभर लोडिंग, मवेषी तस्करी एवं अवैध शराब परिवहन की भी चेकिंग करें एवं अवैध रूप से परिवहन सामग्रियों पर नियंत्रण रखें। 
बीरभूम के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह भी बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शराब को टिंचर नामक होम्योपैथी दवा के बोतल में पैक कर बंगाल भेजा जाता है यह बोतल देवघर जिले में पैंकिंग की जाती है। इसपर भी नियंत्रण रखने का आग्रह किया गया। उपायुक्त ने इन अवैध बोतलों पर के परिवहन पर भी आवष्यक नियंत्रण रखने का निदेष दिया।


दुमका, 03 मार्च 2017 प्रेस विज्ञप्ति संख्या - 130
दुमका उपायुक्त, राहुल कुमार सिन्हा ने काठीकुण्ड प्रखंड अन्तर्गत घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र नारगंज पंचायत मंे कार्यान्वित योजनाओं का निरीक्षण किया। उपायुक्त मझला सरूवापानी ग्राम में लाभुक गोदो राय के प्रधानमंत्री  आवास योजना, धनकुट्टा एवं आमगाछी ग्राम में डोभा निर्माण की योजना का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान योजना में अपेक्षित प्रगति नहीं पाये जाने पर उपायुक्त ने संबंधित ग्राम रोजगार सेवकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि कि अगले एक सप्ताह के अन्दर इन योजनाओं को पूर्ण कराना सुनिष्चित करें। साथ ही, इन ग्रामों में अधिक से अधिक डोभा निर्माण की योजनाएँ स्वीकृत कराने का निर्देष दिया। रोजगार सेवकों की कार्यषैली को देखते हुए उपायुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारी, काठीकुण्ड को निर्देष दिया कि कार्तव्य में लापरवाही बरतने वाले रोजगार सेवकों को चिह्नित करें एवं उनके कार्यषैली में सुधार नहीं आने पर तत्काल उन्हंे पदमुक्त करने की कार्रवाई करें।
उपायुक्त द्वारा मंझला सरूवापानी में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्र का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने सेविका एवं सहायिका को निर्देष दिया कि बच्चांे की शतप्रतिषत उपस्थिति सुनिष्चित करायें अन्यथा सेविका सहायिका के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी। 
उपायुक्त दुमका राहुल कुमार सिन्हा ने मध्य विद्यालय नारगंज के निरीक्षण के क्रम में नामांकित बच्चों की संख्या के अनुरूप बच्चों की कम उपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रधानाध्यापिका को बच्चों की शत प्रतिषत उपस्थिति सुनिष्चित कराने हेतु अभिभावकों को प्रेरित करने का निदेष दिया। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि इस विद्यालय में कुल 7 षिक्षकों का पद स्वीकृत है परन्तु वर्तमान में मात्र एक षिक्षक ही कार्यरत है। इस कारण विद्यालय संचालन में कठिनाई हो रही है। उपायुक्त ने जिला षिक्षा अधीक्षक, दुमका को इस विद्यालय में षिक्षकों की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देष दिया।
काठीकुण्ड प्रखंड की ओर से एस0एस0बी0 कैंप नारगंज मैदान में एक षिविर का आयोजन किया गया था। कैंप के माध्यम सें स्थानीय ग्रामीणों को सरकार द्वारा संचालित सभी प्रकार की कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में अवगत कराते हुए ग्रामीणों से आवेदन प्राप्त किये गये। उपायुक्त ने षिविर में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उपायुक्त ने अंचल अधिकारी, काठीकुण्ड को विषेष रूप से निर्देषित किया कि इन क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा पेंषन योजना का लाभ प्रदान करने हेतु सर्वाेच्च प्राथमिकता के आधार पर आवेदन प्राप्त करें एवं सुनिष्चित करें कि इन ग्रामों में पेंषन की आहर्ता वाले शत प्रतिषत ग्रामीणों को पेंषन का लाभ मिल जाये। उपायुक्त ने सभी सेविका एवं सहायिकाओं को अपने क्षेत्रान्तर्गत कम से कम 30 आवेदन प्राप्त कर उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया। 
उपायुक्त द्वारा एसएचजी ग्रुप के महिला सदस्यों को संबोधित करते हुए बताया कि सरकार द्वारा उन्हें ऋण उपलब्ध कराया जाता है जिसका उद्देष्य महिलाओं को छोटे-छोटे उद्योगों से जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराना है। यथा मवेषी पालन, बाँस के सामग्री बनाना, पत्तों बनाना, पापड़, अंचार आदि बनाकर स्वावलंबी बन सकें। परन्तु, भ्रमण के क्रम में पाया जाता है कि वे ऋण के राषि को खेती में लगा देती है। इससे उन्हें विषेष लाभ नहीं मिलेगा एवं ऋण चुकता करने में असफल हो जायेंगी। इससे सरकार का उद्देष्य भी सफल नहीं होगा। अतएव उपायुक्त ने एसएचजी ग्रुप के महिला सदस्यों से अपील किया कि वे ऋण का सदुपयोग करते हुए स्वावलंबी बनें।
उपायुक्त ने गोपीकान्दर प्रखंड अन्तर्गत बोड़ा पहाड़ी में आरईओ द्वारा बनाये जा रहे बोड़ापहाड़ी से कोल्हा तक पथ निर्माण योजना का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि निर्माण की दृष्टिकोण से यह पथ महत्वपूर्ण है। उपायुक्त ने इस योजना को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह पथ तीन प्रखंडों के ग्रामों को यथा रामगढ़ प्रखंड का डाँड़ो ग्राम, गोपीकान्दर प्रखंड के ओड़मो ग्राम एवं काठीकुण्ड प्रखंड के नारगंज ग्रामों को जोड़ती है। इसलिए पथ का निर्माण 15 दिनों के अन्दर पूर्ण कराने का निर्देष दिया। 
उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा काठीकुण्ड में चल रहे दानीनाथ मेला का भी अवलोकन किया।  
काठीकुण्ड प्रखंड में षिकारीपाड़ा के विधायक नलिन सोरेन, जिला परिषद अध्यक्ष जाॅयेस बेसरा, उपायुक्त दुमका राहुल कुमार सिन्हा, उप विकास आयुक्त शषि रंजन, जिला पंचायतिराज पदाधिकारी षिवनारायण यादव, प्रखंड विकास पदाधिकारी छुटेष्वर दास, कमांडेन्ट नरपत सिंह आदि उपस्थित थे।
















  

दुमका, 03 मार्च 2017
 प्रेस विज्ञप्ति संख्या - 129
साक्षर भारत कार्यक्रम के तहत जिला साक्षरता समिति दुमका कार्यालय में प्रखण्ड कार्यक्रम प्रबंधकों की मासिक समीक्षा बैठक धर्मदेव राय सह सचिव जिला साक्षरता समिति का अध्यक्षता में आयोजित की गयी। बैठक में उप निदेषक जनसम्पर्क अजय नाथ झा मुख्य कार्यक्रम प्रबंधक सिंहासन कुमारी जिला कार्यक्रम प्रबंधक उपस्थित थे।
उक्त समीक्षा बैठक में प्रखण्डवार लोकषिक्षा केन्द्र एवं वीटी आधारित साक्षरता केन्द्रों के संचालन की प्रगति को लेकर समीक्षा की गयी। समीक्षा के क्रम में दुमका एवं जामा प्रखंड में जिलास्तर से किये गये लोकषिक्षा केन्द्रों के अनुश्रवण प्रतिवेदन पर चर्चा करते हुए सचिव ने कहा कि प्राप्त प्रतिवेदन निराषाजनक है। तत्काल प्रभाव से संबंधित लोकषिक्षा केन्द्र के प्रेरकों का मानदेय स्थगित करते हुए उन्हें स्पष्टीकरण जारी करने का निदेष दिया गया। प्रखण्ड प्रबंधकों को निदेष दिया गया कि वे 19 मार्च 2017 को आयोजित बुनियादी साक्षरता आकलन जाँच परीक्षा के मद्देनजर अनुश्रवण कार्य में तेजी लाएं एवं कार्य में लापरवाही करने वाले प्रेरकों को कार्यमुक्त करने की अनुषंसित करें। शत प्रतिषत चयनित साक्षर पंचायत एवं गोपीकान्दर प्रखंड की विषेष समीक्षा की गयी तथा उक्त केन्द्रों में समस्त गतिविधियों पर विहित प्रपत्र में दस्तावेजीकरण करने का निदेष दिया गया।
8 मार्च 2017 अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर षिक्षा साक्षरता एवं स्वच्छता के प्रति महिला सषक्तीकरण हेतु जिला एवं सभी 206 पंचायत स्तरों पर कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। पंचायत स्तरीय कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों स्वयं सेवक षिक्षकों एवं महिला षिक्षुओं को विषेष रुप से कार्यक्रम में शामिल करने पर जोर दिया गया।
इस क्रम में यह भी निदेष दिया गया कि उक्त कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के हाथों पिछली परीक्षा का प्रमाण-पत्र नवसाक्षरों के बीच वितरित कराया गया। जिलाअन्तर्गत काठीकुण्ड, रामगढ़ एवं गोपीकान्दर में फोकस एरिया के तहत चिह्नित गाँव पंचायतों में  साक्षरता कर्मियों के माध्यम से शत प्रतिषत साक्षरता बच्चों की स्कूली षिक्षा एवं अन्य विकास कार्यक्रमों से ग्रामीणों को जोड़ने की पहल की जाय।


दुमका, 02 मार्च 2017
प्रेस विज्ञप्ति संख्या - 128
अपने विकास का मूल्यांकन समाज स्वयं करे...
- षिव नारायण यादव
सामाजिक अंकेक्षण इकाई, रांची, झारखंड द्वारा इण्डोर स्डेडियम, दुमका में एक उन्मुखीकरण कार्यषाला का अयोजन किया गया। कार्यषाला का उद्धाटन जिला पंचायत राज पदाधिकारी श्री षिवनारायण यादव ने किया। जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने कहा कि अपने विकास का मूल्यांकन समाज स्वयं करे। 
समाजिक आंकेक्षण रांची से आये जिला संसाधन व्यक्ति मनोरंजन वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि झारखण्ड राज्य के सभी 24 जिलों के 553 पंचायतों का सामाजिक अंकेक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में 15 मार्च से 21 मार्च एवं 23 मार्च से 29 मार्च 2017 तक दो चरणों में किया जा रहा है। इसी सामाजिक अंकेक्षण की तैयारी हेतु आज यह उन्मुखीकरण कार्यषाला का आयोजन किया जा रहा है कि इस अवधि में बेतहर तरीके से अंकेक्षण किया जा सके। मनोरंजन ने बताया कि सोषल आॅडिट रूल्स 2011 के आलोक में झारखण्ड राज्य में एक स्वतंत्र सामाजिक अंकेक्षण ईकाई का गठन किया गया। इस ईकाई के डिस्ट्रक्ट, ब्लाॅक एवं भिलेज रिसोर्स पर्सन 7 लोगों की टीम बना कर प्रत्येक पंचायत में सामाजिक अंकेक्षण का कार्य सम्मपन्न करेंगे। जिला संसाधन व्यक्ति पंचम प्रसाद वर्मा ने सामाजिक अंकेक्षण के दौरान टीम के रहने की व्यवस्था, सुरक्षा एवं जन संवाद की तैयारी हेतु विस्तार से जानकारी दी।
इस कार्यषाला में सोषल आॅडिट रूल्स 2011 के बारे में जानकारी दी गयी साथ ही प्रधान सचिव के द्वारा निर्गत मनरेगा दिषा निर्देष 2040 दिनांक 29.12.2016 के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी।
इस कार्यषाला में जिला पंचायत राज पदाधिकारी श्री षिवनारायण यादव, जिला योजना पदाधिकारी श्री अजय कुमार, कार्यपालक अभियंता ग्रामीण विकास विषेष प्रमण्डल श्री पवन कुमार मिश्र एवं परियोजना पदाधिकारी, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण दुमका के चन्द्रषेखर पाण्डेय, सामाजिक अंकेक्षण इकाई, रांची, झारखंड के मनोरंजन वर्मा, पंचम प्रसाद वर्मा एवं सभी प्रखण्ड के प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकरी, रोजगार सेवक, पंचायत सेवक, मुखिया, जे0ई0 आदि उपस्थित थे।