Wednesday, 9 November 2022

दिनांक-3 नवंबर 2022 प्रेस विज्ञप्ति संख्या-1320

 दिनांक-3 नवंबर 2022

प्रेस विज्ञप्ति संख्या-1320


जल जीवन मिशन के तहत इंडोर स्टेडियम में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन


जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य- सभी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना

-श्री सुनील सोरेन,सांसद


2024 तक सभी घरों तक शुद्ध पेयजल पहुँचाना लक्ष्य

-उप विकास आयुक्त, दुमका


जल जीवन मिशन के तहत इंडोर स्टेडियम में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।


कार्यशाला को संबोधित करते हुए सांसद श्री सुनील सोरेन ने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य सभी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है।जल के बिना जीवन की परिकल्पना अधूरी है।सरकार का लक्ष्य 2024 तक नल से जल प्रत्येक घर तक पहुंचाना है।सभी मिलकर सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं को धरातल में उतारने का कार्य करें।कहा कि इस योजना के संचालन और रखरखाव के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित कराना समुदाय की जिम्मेदारी होती है। जल संरक्षण के प्रति सजग होना एवं जल स्रोतों के आसपास की सफाई रखना पंचायत के समुदाय को सुनिश्चित करना होगा।उन्होंने कहा कि सभी को योजनाओं के क्रियान्वयन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करना होगा।बारिश के जल का संरक्षण बहुत ही आवश्यक है।सभी को इस विषय पर गंभीरता के साथ सोचना होगा एवं इस दिशा में कार्य करना होगा।उन्होंने कहा शुद्ध पेयजल सभी को मिले यह वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण जरूरत है।जल जीवन मिशन के तहत सभी घर को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा।उन्होंने कहा कि जल का संरक्षण अगर हम सभी ने नहीं किया तो वह दिन दूर नहीं जब पानी के लिए युद्ध का सामना करना पड़ेगा।उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के चुने हुए जन प्रतिनिधि लोगों को जागरूक करें ताकि योजना का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से हो।


क्षेत्रीय मुख्य अभियंता दुमका प्रक्षेत्र सदानंद मंडल ने जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन की वर्तमान स्थिति एवं प्रगति को विस्तृत रूप से बताया।


इस अवसर पर उप विकास आयुक्त ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत सभी को शुद्ध पेयजल पहुँचाना पेयजल विभाग का लक्ष्य है।पिछले कुछ वर्षों में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग का कार्य मे विस्तार हुआ है।कहा कि विभाग द्वारा शौचालय निर्माण का कार्य कराया गया है।सभी घरों में शौचालय निर्माण कर जिला ओडीएफ भी है।अब भी कई लोग शौचालय का उपयोग नहीं करते है।शौचालय का उपयोग करने के लिए लोगों को जागरूक करना होगा।उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन योजना के संदेश को गांव में जन-जन तक पहुंचाना, जल स्रोत और जल की गुणवत्ता की जांच कराने की जिम्मेदारी सहिया की होती है। जल जीवन मिशन का लक्ष्य 2024 तक प्राप्त करने के लिए ग्राम स्तर पर मुखिया एवं जलसहिया को जल जीवन मिशन में चल रहे कार्यों की देखरेख करने का आग्रह किया गया। आगे उन्होंने कहा कि हर घर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के साथ-साथ लोगों को जल संरक्षण के प्रति भी जागरूक होना होगा, तभी इस मिशन को सार्थक रूप दिया जा सकता है।


इस अवसर पर जिला परिषद उपाध्यक्ष,कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल 1 एवं 2 ने जल जीवन मिशन के बारे में अपने विचारों को रखा।


इस अवसर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के राज्य समन्वयक द्वारा पीपीटी के माध्यम से उपस्थित प्रतिभागियों को तकनीकी जानकारी दी गयी।


अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत रूप से उदघाटन किया गया।


कार्यक्रम को सफल बनाने में जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक एवं प्रखंड समन्वयक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।





दिनांक- 03 नवंबर 2022 प्रेस विज्ञप्ति संख्या-1319

 दिनांक- 03 नवंबर 2022

प्रेस विज्ञप्ति संख्या-1319


मतदाता जागरूकता फोरम को लेकर प्रमंडलीय सभागार,दुमका में प्रमंडलीय कार्यालय के पदाधिकारियों एवं कर्मियों का एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला में वोटर अवेयरनेस फोरम का गठन हुआ। जिसके आयुक्त चंद्र किशोर उरांव अध्यक्ष एवं उप परिवहन आयुक्त सह सचिव जुगनू मिंज सचिव सह नोडल पदाधिकारी हैं। 

आयोजित कार्यशाला में उप निर्वाचन पदाधिकारी अशोक दास द्वारा उपस्थित कर्मियों को वोटर हेल्पलाइन एप्प एवं राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से मतदाताओं का ऑनलाइन निबंधन,त्रुटि-सुधार एवं दावा आपत्ति के प्रपत्रों को भरने की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने ऑनलाइन सेवा की जानकारी देते हुए कहा कि पोर्टल के माध्यम से मतदाता स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। देश के किसी भी कोने से मतदाता पहचान पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस दौरान उन्होंने फॉर्म-6,फॉर्म-7 एवं फॉर्म-8 के बारे में भी विस्तृत रूप से जानकारी दी। इस दौरान सभी कर्मियों को वोटर हेल्पलाइन एप्प डाउनलोड कराया गया। 


उप परिवहन आयुक्त सह सचिव जुगनू मिंज ने कहा लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर एक नागरिक का मतदान करना जरूरी है। इस तरह के कार्यशाला से मतदाताओं में जागरूकता आती है।  बीच-बीच में इस तरह के कार्यशाला का आयोजन होते रहना चाहिए। विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कर अधिक से अधिक लोगों का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो ताकि मतदाता अपनी पसंद के उम्मीदवार का चुनाव कर सकें।

कार्यशाला के उपरांत प्रश्नोत्तर सेशन चला जिसमें पूछे गए सवालों के उत्तर दिए गए। 

कार्यशाला में आयुक्त कार्यालय के पदाधिकारी एवं कर्मी एवं जिला निर्वाचन कार्यालय के कर्मी उपस्थित थे। 


दिनांक- 03 नवंबर 2022 प्रेस विज्ञप्ति संख्या-1319

 दिनांक- 03 नवंबर 2022

प्रेस विज्ञप्ति संख्या-1319


मतदाता जागरूकता फोरम को लेकर प्रमंडलीय सभागार,दुमका में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला में वोटर अवेयरनेस फोरम का गठन हुआ जिसमें उप परिवहन आयुक्त सह सचिव जुगनू मिंज अध्यक्ष एवं उप निर्वाचन पदाधिकारी अशोक दास को सचिव बनाया गया।

आयोजित कार्यशाला में उप निर्वाचन पदाधिकारी अशोक दास द्वारा उपस्थित कर्मियों को वोटर हेल्पलाइन एप्प एवं राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से मतदाताओं का ऑनलाइन निबंधन,त्रुटि-सुधार एवं दावा आपत्ति के प्रपत्रों को भरने की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने ऑनलाइन सेवा की जानकारी देते हुए कहा कि पोर्टल के माध्यम से मतदाता स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। देश के किसी भी कोने से मतदाता पहचान पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस दौरान उन्होंने फॉर्म-6,फॉर्म-7 एवं फॉर्म-8 के बारे में भी विस्तृत रूप से जानकारी दी। इस दौरान सभी कर्मियों को वोटर हेल्पलाइन एप्प डाउनलोड कराया गया। 


उप परिवहन आयुक्त सह सचिव जुगनू मिंज ने कहा लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर एक नागरिक का मतदान करना जरूरी है। इस तरह के कार्यशाला से मतदाताओं में जागरूकता आती है।  बीच-बीच में इस तरह के कार्यशाला का आयोजन होते रहना चाहिए। विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कर अधिक से अधिक लोगों का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो ताकि मतदाता अपनी पसंद के उम्मीदवार का चुनाव कर सकें।


कार्यशाला के उपरांत प्रश्नोत्तर सेशन चला जिसमें पूछे गए सवालों के उत्तर दिए गए। 




कार्यशाला में आयुक्त कार्यालय के पदाधिकारी एवं कर्मी एवं जिला निर्वाचन कार्यालय के कर्मी उपस्थित थे। 


दिनांक- 03 नवंबर 2022 प्रेस विज्ञप्ति संख्या-1318

 दिनांक- 03 नवंबर 2022

प्रेस विज्ञप्ति संख्या-1318


उपायुक्त सह अध्यक्ष आत्मा, दुमका के निदेश पर जामा प्रखंड के रांगा गांव में कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में परियोजना निदेशक डॉक्टर दिवेश कुमार सिंह ने रबी फसलों में लगने बाला कीट_व्याधि के बारे में विस्तार से बताते हुए विभाग में चल रही योजनाओं की जानकारी दी। डॉक्टर शैलेंद्र मोहन, वैज्ञानिक जेड ए आर एस, दुमका ने उपस्थित किसानों को मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्व एवम पौध में इसकी आवश्यकता के बारे में बताया गया। बीटीएम श्याम सुंदर सिंह ने किसानों को वीडिसाइड के बारे में बताया। कब और कैसे इसका प्रयोग किया जाता है इसके बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान उपरोक्त के अलावा एटीएम पियूष, बंटी कुमारी भी उपस्थित थे।



दिनांक-2 नवंबर 2022 प्रेस विज्ञप्ति संख्या-1317

 दिनांक-2 नवंबर 2022

प्रेस विज्ञप्ति संख्या-1317


राजकीय पुस्तकालय परिसर, दुमका में आयोजित रेव. पीओ बोडिंग मेमोरियल संथाली साहित्य महोत्सव के चौथे सत्र" में संथाली साहित्य का उद्भव एवं विकास विषय पर चर्चा हुई।

इस सत्र में आंद्रेयास टुडू, गब्रिएल सोरेन, डॉ विश्वनाथ हांसदा, बबलू टूडू, सुंदर मनोज हेंब्रम में अपने विचारों प्रस्तुत किया। 


आंद्रेयास टुडू ने कहा कि संथाली  एक प्राचीन भाषा है। यह अत्यधिक विकसित साहित्यिक और पूर्व-वैदिक काल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है। परंपरागत संथाली भाषा और साहित्य का विकास और प्रचार 1870-75 के बाद से कुछ विदेशी साहित्य प्रेमियों द्वारा शुरू किया गया। जब रघुनाथ मुर्मू ने 'ओलचिकी लिपि' का विकास किया और उसी में अपने नाटकों की रचना की, तब से आज तक वे एक बड़े सांस्कृतिक नेता और संताली के सामाजिक-सांस्कृतिक एकता के प्रतीक रहे। गुरु गोमके ने भाषा के माध्यम से सांस्कृतिक एकता के लिए लिपि द्वारा जो आंदोलन चलाया वह ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा - "अगर आप अपनी भाषा - संस्कृती , लिपि और धर्म भूल जायेंगे तो आपका अस्तित्व भी ख़त्म हो जाएगा। 


गब्रिएल सोरेन ने संथाली भाषा में अपने विचारों को रखे हुए कहा कि साहित्य का इतिहास 1843 से शुरू हुआ। पीओ बोडिंग ने गांव-गांव घूमकर संथालो की संस्कृति को जाना और लिखा। बाइबल को भी संथाली लिपि में लिखा। उन्होंने  संथाली स्क्रिप्ट, संथाली डिक्शनरी एवं व्याकरण में अपना बड़ा योगदान दिया। उन्होंने संथालों से संबंधित 64 अलग-अलग विषयों के बारे में अपनी विचारों को लिखा। पीओ बोडिंग संथालों के बीच रहकर 200 से अधिक किताबें लिखी। आज भी उनके डिक्शनरी एवं व्याकरण का उपयोग किया जाता है। यदि संथाली भाषा को और आगे ले जाना है तो हमें इस प्रकार के कार्यक्रम हमेशा करने चाहिए। 


डॉ विश्वनाथ हांसदा ने कहा कि कॉलेज स्कूल एवं कॉलेज के लिए यूपीएससी और जेपीएससी के लिए संथाली में किताबें लिखे गए। संथालों ने जब अपनी भाषा में अपने परिचितों की रचनायें पढ़ी तो उनका उत्साह बढ़ने लगा। भगीरथ की तरह संथाली भाषा और साहित्य की गंगा को संथाली भाषी लोगों के घर-घर तक पहुंचाया। आज के संथाली साहित्य का रूप देखकर हम तो इसके अतीत का अनुमान नहीं कर सकते। आज संथाली प्राथमिक विद्यालयों से लेकर झारखण्ड के विश्वविद्यालयों में स्नातकोत्तर स्तर तक पढ़ायी जा रही है। इतना ही नहीं, समस्त भारतीय भाषाओं के बीच संथाली ने अपनी एक खास पहचान भी बना ली है। भारत के ही नहीं, अपितु विदेश के भी अनेक विद्वान संथाली भाषा और साहित्य में खासी रुचि दिखाने लगे हैं। 


बबलू टूडू ने कहा कि साहित्य क्या है कहां से आया साहित्य का अर्थ साथ में जुड़ा हुआ है साहित्य समाज का आईना है साहित्य-साहित्य एक आवाज है इसलिए कहा गया है कि साहित्य समाज का आईना है अभी के समय में हम लोग को ही हमारे समाज के बारे में लिखना है। युवाओं को आगे आकर संथाली साहित्य में लिखना चाहिए। आज के इस कार्यक्रम से बहुत सारे युवाओं को प्रेरणा मिलेगी है उम्मीद है कि वह लिखेंगे अपनी भाषा को और भी आगे लेकर जाएंगे। 


इस दौरान सुंदर मनोज हेंब्रम ने अपने विचारों को प्रस्तुत करते हुए लिखित साहित्य के बारे में विस्तृत जानकारी दें। उन्होंने उल्लेख के माध्यम से संथालों के संघर्ष के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि संथालो ने होमलैंड बनाने में बहुत संघर्ष किया है। संथाल समुदाय मजबूती की तरह आगे आए और आगे बढ़ते जा रहे हैं। 


इस दौरान सभी वक्ताओं को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। 


अंतिम सत्र में चुंडा सोरेन सिपाही, निर्मला पुतुल, बिमल हांसदा ने अपनी कविताओं के माध्यम से संथाल के संघर्ष एवं संथाल हूल के बारे में बताया। अपनी-अपनी लिखित कवितायों को प्रस्तुत किया।




दिनांक- 02 नवंबर 2022 प्रेस विज्ञप्ति संख्या-1316

 दिनांक- 02 नवंबर 2022

प्रेस विज्ञप्ति संख्या-1316


आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के दूसरे चरण के दौरान सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ जन -जन तक पहुचाने हेतु दुमका जिले के विभिन्न प्रखंडों के निम्न क्षेत्रों  में   कल दिनांक 3.11.22 को शिविर के लगाया जा रहा है।इन शिविरों में लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा एवं अधिक से अधिक लोगो को सरकार की योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जायेगा।

दुमका-मुड़भंगा, बड़तली,राजबान्ध

जामा-चिकनियाँ,ढोढली

गोपीकांदर-खरौनी बाज़ार

नगर परिषद दुमका-जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय ,दुमका

दिनांक-2 नवंबर 2022 प्रेस विज्ञप्ति संख्या-1315

 दिनांक-2 नवंबर 2022

प्रेस विज्ञप्ति संख्या-1315


राजकीय पुस्तकालय दुमका में आयोजित रेव. पी ओ बोडिंग मेमोरियल संथाली लिटरेचर फेस्टिवल का तीसरा सत्र ऑनलाइन रूप से आयोजित किया गया।

इस सत्र का विषय "संथाल स्वदेश ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत" था।


कार्यक्रम में वक्ताओं के रूप में बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रषेत सृंखल,प्रोफेसर अच्युत चेतन तथा लंटिती बेसरा ने भाग लिया।


प्रोफेसर अच्युत चेतन ने कहा भरतीय समाज मे आदिवासी समाज की अपनी पहचान है।भारत के सभी चर्चाओं में आदिवासी शब्द का महत्व बहुत पहले से रहा है।यह समाज बहुत पुराना है और पुराना का अपना एक अलग महत्व होता है।


इस दौरान अन्य ने भी अपनी अपनी बात रखी।